prayer and meditations

Isaiah – यशायाह 40:3-8

सुनो! एक व्यक्ति का जोर से पुकारता हुआ स्वर:

“यहोवा के लिये बियाबान में एक राह बनाओ!

हमारे परमेश्वर के लिये बियाबान में एक रास्ता चौरस करो!

हर घाटी को भर दो।

हर एक पर्वत और पहाड़ी को समतल करो।

टेढ़ी—मेढ़ी राहों को सीधा करो।

उबड़—खाबड़ को चौरस बना दो।

तब यहोवा की महिमा प्रगट होगी।

सब लोग इकट्ठे यहोवा के तेज को देखेंगे।

हाँ, यहोवा ने स्वयं ये सब कहा है।”

एक वाणी मुखरित हुई, उसने कहा, “बोलो!”

सो व्यक्ति ने पूछा, “मैं क्या कहूँ” वाणी ने कहा, “लोग सर्वदा जीवित नहीं रहेंगे।

वे सभी रेगिस्तान के घास के समान है।

उनकी धार्मिकता जंगली फूल के समान है।

एक शक्तिशाली आँधी यहोवा की ओर से उस घास पर चलती है,

और घास सूख जाती है, जंगली फूल नष्ट हो जाता है। हाँ सभी लोग घास के समान हैं।

घास मर जाती है और जंगली फूल नष्ट हो जाता है।

किन्तु हमारे परमेश्वर के वचन सदा बने रहते हैं।

 

以賽亞書 40:3-8

有人聲喊著說:「在曠野預備耶和華的路,在沙漠地修平我們神的道!一切山窪都要填滿,大小山岡都要削平,高高低低的要改為平坦,崎崎嶇嶇的必成為平原。耶和華的榮耀必然顯現,凡有血氣的必一同看見,因為這是耶和華親口說的。」

有人聲說:「你喊叫吧!」有一個說:「我喊叫什麼呢?」說:「凡有血氣的盡都如草,他的美容都像野地的花。草必枯乾,花必凋殘,因為耶和華的氣吹在其上——百姓誠然是草!草必枯乾,花必凋殘,唯有我們神的話必永遠立定。」

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